धन्य माता कहती हैं: "यीशु की स्तुति हो।"
“आज दुनिया की बहुत सी समस्याएं बस दिलों के भीतर नैतिक बुराइयों की छाया मात्र हैं। हर पाप पवित्र प्रेम पर आत्म-प्रेम का आलिंगन है। पवित्र प्रेम ही पवित्रता का सार है।”
धन्य माता कहती हैं: "यीशु की स्तुति हो।"
“आज दुनिया की बहुत सी समस्याएं बस दिलों के भीतर नैतिक बुराइयों की छाया मात्र हैं। हर पाप पवित्र प्रेम पर आत्म-प्रेम का आलिंगन है। पवित्र प्रेम ही पवित्रता का सार है।”
उत्पत्ति: ➥ HolyLove.org
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