"मैं तुम्हारा यीशु हूँ, अवतार लेकर जन्म लिया।"
“मैं तुम्हारे पास उसी तरह आया हूँ जैसे हमेशा आता हूँ ताकि पापी को कैद से मुक्त कर सकूँ। पवित्र और दिव्य प्रेम सिर्फ़ एक संदेश नहीं है जिसे पढ़ा जाए और भुला दिया जाए। इस apparition स्थल पर का संदेश धार्मिकता का मार्ग है। यह आत्म-प्रेम में बंदी दुनिया के लिए फिरौती है। मैं यहाँ प्रकट होता हूँ--मेरी माँ यहाँ प्रकट होती हैं--ताकि पूरी तरह से फिरौती चुकाई जा सके। तभी हमारे संयुक्त हृदय विजयी होंगे।"