यीशु और धन्य माता यहाँ हैं। उनके दिल उजागर हैं। यीशु कहते हैं, "मैं तुम्हारा यीशु हूँ, अवतार लिया हुआ।" धन्य माता कहती हैं: “मैं मरियम हूँ, सदा कुंवारी। यीशु की स्तुति हो।”
यीशु: “मेरे भाइयों और बहनों, हमारे संयुक्त दिलों में दिव्य प्रेम और दिव्य दया एक हो जाते हैं। इसलिए, मैं हर राष्ट्र और हर आत्मा से भी दिव्य प्रेम और दिव्य दया का अनुकरण करने की इच्छा रखता हूँ। एकजुट हों, एक दूसरे के साथ मिल जाएँ। हम आज रात आपको अपने संयुक्त दिलों का आशीर्वाद दे रहे हैं।”